चिंतन
देशहित में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए, मामला व्यक्तिगत हो राजनैतिक हो या आपसी रंजिश का आज हर बात पर हर मुद्दे पर भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाएं एक दूसरे को नीचा दिखाने और राजनीतिक लाभ के होड़ ने, देश की अस्मिता पर काला दाग लगा दिया है। एक ही विषय पर पार्टी, संगठन और समूहों का बँट जाना और लड़ना कहां तक जायज और देशहित में है, बिखराव और पतन की ओर अग्रसर होना है।