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अमरेश गौतम "अयुज" अमरेश गौतम"अयुज" कवि/अभियंता रीवा,मध्यप्रदेश समाधान

मुक्तक

मुद्दतों बाद मिली तो रुलाई बहुत,  अपनी गुस्ताखी की दी सफाई बहुत। मेरी हर इल्तिजा को ठुकराने वाली,  वक्त के तमाचे पर पछताई बहुत। Title of the document प्ले बटन दबायें