समसामयिकी लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अगस्त 29, 2017 उसे लगा की,काम खजाने आएँगे, उसे भी कुछ लोग,बचाने आएँगे। प्यार और मार दोनों जानते हैं हम, अब न तेरे गुजरे,जमाने आएँगे। और पढ़ें
ये तरक्की नहीं लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अगस्त 24, 2017 ये तरक्की नहीं,जाने किस जहाँ को जा रहे हैं हम, फुटपाथ पर विद्या,एसी में जो जूते सजा रहे हैं हम। पहले जिसे वासी कह कर,फेंक दिया करते थे, बंद पैकेटों में बर्षों का जो खा रहे हैं हम। और पढ़ें
मुक्तक लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अगस्त 20, 2017 समन्दर की लहरों में सैलाब ऐसा न था, तेरे भी अधरों में ख्वाब ऐसा न था। सियासत के गलियारे में कदम पड़ गये शायद, यूँ पहले चेहरे पर रुआब ऐसा न था। और पढ़ें