संदेश

चुनाव की तैयारी है

शहर दर शहर बदलाव की तैयारी है,  लगता है फिर से चुनाव की तैयारी है। संभलकर रहना पछताना पड़ेगा वरना   साहेब ने की  नए दाँव की तैयारी है।

चिंतन

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देशहित में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए, मामला व्यक्तिगत हो राजनैतिक हो या आपसी रंजिश का आज हर बात पर हर मुद्दे पर भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाएं एक दूसरे को नीचा दिखाने और राजनीतिक लाभ के होड़ ने, देश की अस्मिता पर काला दाग लगा दिया है। एक ही विषय पर पार्टी, संगठन और समूहों का बँट जाना और लड़ना कहां तक जायज और देशहित में है, बिखराव और पतन की ओर अग्रसर होना है।

हाइकू

रुकता नहीं पराया सा माहौल मेरे देश का जलाया घर फैलाई नफरत उसे मिला क्या Title of the document अमरेश सिनेमा

समाधान

अमरेश गौतम "अयुज" अमरेश गौतम"अयुज" कवि/अभियंता रीवा,मध्यप्रदेश समाधान

मुक्तक

मुद्दतों बाद मिली तो रुलाई बहुत,  अपनी गुस्ताखी की दी सफाई बहुत। मेरी हर इल्तिजा को ठुकराने वाली,  वक्त के तमाचे पर पछताई बहुत। Title of the document प्ले बटन दबायें

समसामयिकी

आज देश बचाने की जो बातें कर रहे हैं,  हमारी कमाई अपनी तिजोरी में भर रहे हैं। खटमल की तरह खुद ही चूस रहे है देश को,  फिर भी हमसे देशप्रेम की बातें कर रहे हैं।

समसामयिकी

उसे लगा की,काम खजाने आएँगे,  उसे भी कुछ लोग,बचाने आएँगे। प्यार और मार दोनों जानते हैं हम,  अब न तेरे गुजरे,जमाने आएँगे।